
KANPUR (16 Feb): एडमिशन फार्म मिलने शुरू होने के साथ ही पैरेंट्स और स्कूलों के बीच पिछली बार की तरह महाभारत छिड़ने की आशंकाएं पैदा हो गई हैं. कारण वही पुराना है. पैरेंट्स एसोसिएशनों के अनुसार स्कूलों ने कोर्ट आदेशों की फिक्र नहीं करते हुए फिर से प्रेमिसिस से ही किताब-कॉपियां और यूनिफार्म बेचने की तैयारी कर ली है. वहीं रोक के बावजूद नन्हे बच्चों और पैरेंट्स के इंटरव्यूज की घोषणाएं की जा रही हैं. पैरेंट्स ने नए सिरे से स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है. रजिस्ट्रेशन से लेकर एडमिशन फीस और कॉशन मनी तक पर विवाद होने के आसार हैं. पैरेंट्स एसोसिएशंस कलेक्ट्रेट से लेकर स्कूलों तक पर धरने प्रदर्शन और आमरण अनशन करने की तैयारी में हैं.
पैरेंट्स सएोसिएशंस के पदाधिकारी जितेंद्र चौहान और उमंग अग्रवाल कहते हैं कि दिल्ली के एक केस में हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक स्कूल से यूनिफार्म और बुक्स वगैरह नहीं बेचने का आदेश दे चुके हैं. पर कमीशन के चक्कर में स्कूल वाले या तो स्कूल से ही या फिर किसी एक खास शॉप से ही बुक्स लाने को आज भी पेरेंट्स को मजबूर करते हैं. वो पब्लिशर से भी कमीशन के चक्कर में छोटे क्लासों की कुछ खास बुक्स ही मंगाते भी हैं, जिनका न तो कोई सब्स्टीट्यूट होता है और न ही दूसरी बुक्स एक्सेप्ट करते हैं. मजबूरी में उसी जगह से लेनी पड़ती है.
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